Logo
HomeAbout UsServicesBlogContact
HomeBlogPCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों किया गया?
Back to Blog

PCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों किया गया? जानें इसके पीछे की वजह और महिलाओं के लिए इसका क्या मतलब है

13/05/2026•2 min read
Table of Contents
  • PCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों किया गया?
  • नाम बदलने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
  • PMOS से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम
  • क्या नाम बदलने से इलाज भी बदलेगा?
  • PMOS कब तक पूरी तरह लागू होगा?
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
  • निष्कर्ष
PCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों किया गया? जानें इसके पीछे की वजह और महिलाओं के लिए इसका क्या मतलब है

PCOS का नाम बदलकर PMOS क्यों किया गया?

दुनियाभर के विशेषज्ञों ने PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) का नाम बदलकर PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) रखने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य इस बीमारी की सही पहचान और समझ बढ़ाना है। PCOS नाम सुनकर अधिकतर लोग इसे केवल ओवरी से जुड़ी समस्या मानते थे, जबकि यह एक जटिल हार्मोनल और मेटाबोलिक डिसऑर्डर है, जो पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है।

"PCOS से PMOS करने का उद्देश्य महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना है, ताकि वे इसे केवल पीरियड्स की समस्या या ओवरी की बीमारी न समझें।"

— Dr. Pooja Thukral

नाम बदलने की जरूरत क्यों महसूस हुई?

विशेषज्ञों के अनुसार 'Polycystic' शब्द भ्रामक है, क्योंकि इस स्थिति में ओवरी में वास्तविक सिस्ट नहीं बनते। इसके बजाय हार्मोनल असंतुलन के कारण अंडे पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते और फॉलिकल्स का विकास रुक जाता है। यही कारण है कि बीमारी की पहचान और उपचार में अक्सर देरी हो जाती थी।

  • PCOS केवल ओवरी की बीमारी नहीं है
  • यह हार्मोनल और मेटाबोलिक डिसऑर्डर है
  • नाम बदलने से सही समय पर पहचान और इलाज में मदद मिलेगी
  • 14 वर्षों तक वैश्विक विशेषज्ञों और मरीजों की राय के बाद यह बदलाव किया गया

PMOS से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम

यदि इस बीमारी का समय पर निदान और उपचार न किया जाए, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है।

  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हृदय रोग
  • इनफर्टिलिटी (बांझपन)
  • स्लीप डिसऑर्डर
  • एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं

"महिलाओं को सोशल मीडिया ट्रेंड्स के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, ताकि मेटाबोलिक डिसऑर्डर का समय पर सही इलाज किया जा सके।"

— Dr. Pooja Thukral

क्या नाम बदलने से इलाज भी बदलेगा?

नाम बदलने से बीमारी का इलाज पूरी तरह नहीं बदलेगा, लेकिन उपचार का दृष्टिकोण अधिक व्यापक होगा। अब डॉक्टर केवल ओवरी पर नहीं, बल्कि मरीज के वजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस, मेटाबोलिक हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता पर भी समान रूप से ध्यान देंगे।

महत्वपूर्ण सलाह

यदि आपके पीरियड्स अनियमित हैं, चेहरे या शरीर पर अत्यधिक बाल आते हैं, वजन तेजी से बढ़ रहा है या गर्भधारण में कठिनाई हो रही है, तो स्वयं इलाज करने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।

PMOS कब तक पूरी तरह लागू होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार PMOS नाम को वैश्विक स्तर पर पूरी तरह लागू होने में लगभग तीन वर्ष लगेंगे। वर्ष 2028 तक चिकित्सा संस्थानों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य संगठनों के माध्यम से इसे आधिकारिक रूप से अपनाया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या PMOS और PCOS एक ही बीमारी हैं?

हाँ। बीमारी वही है, लेकिन नया नाम इसकी वास्तविक प्रकृति यानी हार्मोनल और मेटाबोलिक प्रभावों को बेहतर तरीके से दर्शाता है।

क्या PMOS मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है?

हाँ। PMOS से पीड़ित महिलाओं में एंग्जायटी, डिप्रेशन और तनाव का जोखिम सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक हो सकता है।

क्या नाम बदलने से इलाज बदल जाएगा?

इलाज के मूल सिद्धांत समान रहेंगे, लेकिन अब उपचार में मेटाबोलिक हेल्थ, वजन नियंत्रण, मानसिक स्वास्थ्य और फर्टिलिटी पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।

निष्कर्ष

PCOS का नाम बदलकर PMOS करना केवल शब्दों का बदलाव नहीं है, बल्कि महिलाओं की समग्र स्वास्थ्य आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नया नाम बीमारी के हार्मोनल, मेटाबोलिक और प्रजनन संबंधी प्रभावों को अधिक स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जिससे समय पर पहचान, सही उपचार और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

Read the whole article

Read the complete article at the publisher's site.

Read Now

Related posts

PCOS Can Be Your Heart's Enemy: Understanding the Link
PCOS Can Be Your Heart's Enemy: Understanding the Link
03/09/2025
Logo

Expert gynecologist providing comprehensive women's healthcare with 20+ years of experience.

Company

  • About Us
  • Services
  • Blog
  • Contact

Contact

+91 8130 220 300
info@drpoojathukral.com
207, Right Wing,
Urban Estate, Sector 15A, Faridabad

© 2024 Dr. Pooja Thukral. All rights reserved.